Baat nahi karne ki shayari | Baat na karne ki shayari

बहुत नादान है वो
कोई समझाओ उसे
बात ना करने से इश्क कम नहीं होता

...........


बात ना करने से मोहब्बत कम नहीं हो जाती
बस दिलों की दूरियां बढ़ने लगती हैं
और प्यार की डोर धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है

...........


तरस जाओगे मेरे लबों से कुछ सुनने को
बात करना तो दूर हम शिकायत भी नहीं करेंगे

...........




तुम बात ना करो, कोई बात नहीं
लेकिन यह जान लो
बात करने की शुरुआत वही करेगा
जो बेपनाह मोहब्बत करता हो

...........

Baat nahi karne ki shayari hindi

कुछ दिन बात ना करने से कोई बेगाना नहीं होता
कोई भी दोस्त इतना पुराना नहीं होता
दोस्ती में गिले-शिकवे तो चलते रहते हैं
पर इसका मतलब दोस्तों को भुलाना नहीं होता

...........


तुझे फुर्सत कहां मुझसे बात करने की
पर तुझे याद करने से मुझे कौन रोक सकता है


...........


हम मरते रहे तुझसे बात करने को
लेकिन तुझे हमारी फिक्र कहां

...........






हमें तुमसे प्यार है या नहीं हमें नहीं मालूम
लेकिन रोज बात करने से
तुम्हारी आदत जरूर लग गई है

...........


अक्सर खामोश रहते हैं वो लोग
जिन्हें बात करने की तमीज होती है

...........


तन्हाइयों में याद करोगी मुझे
अभी तो बहुत से लोग मिल जाएंगे
तुमसे बात करने को

...........





आप हमसे तभी बात करते हो
जब आपकी मर्जी होती है
और हमारी नादानी देखो कि
हम आपकी मर्जी का इंतजार करते हैं

...........


न जाने हम किस तरह उन से दिल लगा बैठे
कि उनका मन ही नहीं करता हमसे बात करने का

...........



ना मोहब्बत है तुझसे
ना ही दिल तुझसे चाहत रखता है
बस अच्छा लगता है
जब तुम मुझसे बात करती हो

...........


मुझे तुमसे बात ही नहीं करनी
ऐसा कहकर वो call काट देते हैं
मैं मनाऊं उनको ऐसा सोचकर
मेरी कॉल का इंतजार करते हैं

...........


मुझसे बात नहीं करती चलो कोई बात नहीं
लेकिन इतना जान लो
मोहब्बत करने के लिए
यह जिंदगी छोटी पड़ जाती है
तो फिर वक्त किसलिए गवाना
चलो प्यार के सुर छेड़ते हैं


...........



ढूंढ रहे हैं बहाना कि तुझसे बात हो जाए
लेकिन क्या करें बात करने का कोई
बहाना ही नहीं मिल रहा

...........


Baat na karne par shayari in hindi

जी करता है तेरे मुंह से आवाज सुनने को
ठीक है मुझसे बात मत करो
लेकिन कोई शिकायत ही कर दो

...........


बात नहीं करना तो बस एक बहाना है
सच तो यह है कि तुम्हारा हमसे जी भर गया है


...........


बहुत हो गया अब रूठना और मनाना
चलो दोबारा से शुरुआत करते हैं
भुलादें सारी गलतफहमियां को
चलो दोबारा से बात करने का आगाज करते हैं
तुम इश्क की बात करो और
हम आदाब करते हैं




1 Comments

  1. बात कहने स पहले ही डर जाता हूं कहने स पहले मना हो जाती हैं समझा समझा के थक गया हूं इस दिल को बोलता हूं अब धड़कना बन्द करदे कुछ नहीं ह तेरी ज़िंदगी म

    ReplyDelete

Post a Comment

Previous Post Next Post